सहनूसर गांव की महिला ने मेले से पांच वर्षीय बालिका का किया अपहरण घर वाले गांवों में तलाशते रहे, बच्ची रोई तो पड़ौसियों ने दी पुलिस को सूचना

 


रामगढ़ शेखावाटी, 17 सितम्बर। गुरुवार को निकटवर्ती ग्राम भाकरवासी में लगने वाले रामदेवजी के मेले में से सहनूसर की एक महिला दिन दहाड़े भाकरवासी की एक पांच वर्षीय बालिका को उठाकर अपने गांव के घर में ले गई, बच्ची की मां मेले में पास ही बच्ची के लिए चूडिय़ां देख रही थी। बच्ची के परिजन रात भर आसपास के गांवों में उसे तलाशते रहे और अपहरण की सूचना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। परिजनों ने रात को ही पुलिस को भी सूचित कर दिया। दूसरी ओर अपहरण करने वाली महिला के घर में बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पड़ौसियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना कर दी। पुलिस टीम ने तुरंत पहुंच कर बच्ची को दस्तयाब किया तथा उसकी मेडिकल जांच करा कर मां पूनम कंवर को सौंप दिया। घटना से आक्रोशित आस-पास के ग्राम वासियों ने थाने पर पहुंच कर अपना आक्रोश जताया। पूरे मामले में पुलिस काफी सक्रिय रही।

क्या था मामला-थानाधिकारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि थानांतर्गत ग्राम भाकरवासी निवासी पूनम कंवर पत्नी रतनसिंह ने पुलिस को इस आशय की रिपोर्ट पेश की कि 16 सितम्बर को दोपहर एक बजे अपने बच्चों को मेला दिखाने के लिए ले गई जिनमें पांच वर्षीय पुत्री गौरा भी थी। वह मेले में मंदिर के सामने बच्ची के लिए चूडिय़ां देख रही थी कि गौरा अचानक गुम हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी जिस पर पुलिस ने भादसं की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक सलीम खान को सौंपी गई व टीम गठित कर अपहृत बच्ची की तलाश शुरू की।

विदेश में कमाते हैं बच्ची के पिता-जानकारी के अनुसार बच्ची के पिता रतन सिंह विदेश में कमाने के लिए गए हुए हैं। बच्चे छोटे होने के कारण माता पूनम कंवर स्वयं बच्चों को लेकर मेला दिखाने आई थी। गांव में ऐसी घटना पहली बार हुई थी इस लिए अपहरण की घटना तुरंत ही सोशल मीडिया पर वाइरल हो गई। आस-पास के गांवों के लोग व रिश्तेदार तुरंत बच्ची की तलाश में जुट गए लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।

बच्ची रोई तो पड़ौसियों को हुआ शक-भाकरवासी ग्राम में मेले से बच्ची के अपहरण की सूचना तुरंत सोशल मीडिया पर वाइरल होने से चारों तरफ फैल गई। सहनूसर गांव में राजपूत परिवार के ही औकार सिंह के घर में पड़ौसियों ने किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उन्हें शक हो गया। गांव वालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी तो पुलिस टीम ने रात को ही बच्ची को दस्तयाब कर लिया तथा औंकार सिंह की पत्नी मंजू कंवर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी।

औंकार सिंह की दूसरी पत्नी है मंजू कंवर-सहनूसर निवासी औंकार सिंह ऊंट गाडा चला कर मजदूरी करता है। उसकी पहली पत्नी से इससे तंग आकर करीबन तीन साल पहले आत्महत्या कर ली बताते हैं। बाद में औंकार सिंह रोहतक हरियाणा से अपनी दूसरी पत्नी के रूप में मंजू कंवर को लाया था। गांव वालों की माने तो मंजू कंवर का पहले पति का देहांत हो चुका था। उसकी जाति तथा पीहर वालों के बारे में भी किसी को कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। वह अपने साथ 15-16 साल का पहले पति का बेटा भी लेकर आई थी। उसका एक 35 वर्षीय भाई भी सहनूसर में ही रहता है तथा इधर-उधर मजदूरी करता है। औंकार सिंह के परिवार वालों की गांव वालों से ज्यादा बोलचाल नहीं है।

अन्य सदस्यों से भी सख्ती से पूछताछ-पुलिस व बच्ची के परिजनों की माने तो बच्ची को भाकरवासी से सहनूसर मोटरसाइकिल पर ले जाया गया था जो अकेले मंजू कंवर के बूते की बात नहीं जिससे जाहिर है कि उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य का भी हाथ है। पुलिस सभी से सख्ती से पूछताछ कर रही है। पुलिस से यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य वारदात खुलने की भी सम्भावना है बताया कि हालांकि पुलिस एंगल से भी जांच कर रही है लेकिन अन्य वारदात खुलने की सम्भावना कम है क्योंकि परिवार के सदस्यों का कोई आपराधिक रेकॉर्ड सामने नहीं आ पाया है।



गांव वालों ने जताया आक्रोश- बच्ची के अपहरण की घटना से आसपास के गांवों में आक्रोश फैल गया। ठिमौली सरपंच संजय प्रजापति व सहनूसर के पूर्व सरपंच राजूसिंह के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने थाने पर आकर आक्रोश व्यक्त किया तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।