रामगढ़ नागरिक परिषद कोलकाता द्वारा आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में, महात्मा कालूराम समाजसेवा सम्मान डॉ. दीक्षित को दिया गया
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| रामगढ़ नागरिक परिषद कलकत्ता की ओर से डॉ. रामेश्वर लाल दीक्षित को महात्मा कालूराम समाजसेवा सम्मान प्रदान करते अतिथि व परिषद के पदाधिकारी |
रामगढ़ शेखावाटी, 24 अक्टूबर। रामगढ़ के प्रवासियों द्वारा कोलकाता महानगर में संचालित प्रतिष्ठित संस्था रामगढ़ नागरिक परिषद कलकत्ता द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यकरने वाले व्यक्ति को प्रतिवर्ष दिये जाने वाला महात्मा कालूराम समाजसेवा सम्मान इस वर्ष रामगढ़ में विगत चार दशक से अधिक समय से चिकित्कीय सेवा देने वाले डॉ. रामेश्वर लाल दीक्षित को प्रदान किया गया। कस्बे के कीर्तनीया भवन में पािषद के स्थानीय अध्यक्ष भामाशाह राधेश्याम ढ़ण्ड की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में आयुर्वेद विभाग के सेवा निवृत्त संयुक्त निदेशक वैद्य रामावतार शर्मा थे जबकि पूर्व पालिकाध्यक्ष रमाकांत पुजारी, नगरपालिकाध्यक्ष एडवोकेट दूदाराम चौहला, थानाधिकारी उमाशंकर शर्मा व राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. धीरेंद्र सक्सेना विशिष्ट अतिथि थे। पं. योगेश दाधीच द्वारा मंगलाचरण व गणेश वंदना एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन व पूजा अर्चना के साथ प्रारम्भ हुए समारोह में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। स्वगत भाषण प्रस्तुत करते हुए राधाकृष्ण शास्त्री ने परिषद की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य वक्ता एनजेए के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा ने महात्मा कालूराम जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि सेवा उनका मूल मंत्र था और इसी मूलमंत्र का अनुसरण कर रामगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्र में समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को परिषद द्वारा प्रतिवर्ष यह सम्मान प्रदान किया जाता है। शर्मा ने डॉ. दीक्षित के जीवन एवं सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की पदोन्नति छोड़ कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर पिछले 26 सालों से हर दुख-संकट का सामना करते हुए सिर्फ पांच रूपये की मामूली फीस लेकर रामगढ़ के वासियों को चिकित्सकीय सेवा प्रदान कर धरती का भगवान होने की बात साकार की है जो व केवल सराहनीय है अपितु वंदनीय है। सम्मान स्वरूप सभी उपस्थित जनो ने डॉ. दीक्षित का माल्यार्पण किया तथा अतिथियों व परिषद के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा उन्हें शॉल ओढ़ाकर, साफा पहनाकर, श्रीफल, ग्यारह हजार रूपये की नगर राशि व सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की मंगल कामना की। अन्य अतिथियों को भी शौल ओढ़ाकर एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से आमंत्रित मारूति विद्या निकेतन उमावि फतेहपुर के निदेशक मनोज शर्मा एवं आचार्य महाप्रज्ञ अहिंसा प्रशिक्षण पुरस्कार प्राप्त अहिंसा प्रशिक्षक सतीश शांडिल्य का भी माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। समारोह को रमेश जोशी, योगेश दाधीच, ताराचंद काछवाल, सांवर मल सैनी आदि ने भी सम्बोधित किया। समारोह में व्यापार मंडल संयोजक शिवप्रसाद सोनी, मनोज जौहरी, परिषद के मंत्री बनवारी लाल शर्मा, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रेखाराम खीचड़, मदन लाल जैन, वैद्य चंदनमल स्वामी, पवन दाधीच, सुरेश शर्मा, लोक सेवा ज्ञान मंदिर के शेखावाटी प्रभारी मनोज शर्मा, प्रशांत जोशी सहित अन्य कार्यकर्ता व अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राधाकृष्ण शास्त्री ने किया।



