रामगढ़ नागरिक परिषद कलकत्ता द्वारा आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में बाल मंदिर विद्यालय ने बाजी मारी
| रामगढ़ शेखावाटी: रामगढ़ नागरिक परिषद कोलकाता द्वारा आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में बाल मंदिर की विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान करते अतिथि एवं परिषद के पदाधिकारी |
वाद-विवाद प्रतियोगिता में बाल मंदिर विद्यालय ने बाजी मारी
रामगढ़ शेखावाटी, 25 अक्टूबर। रामगढ़ नागरिक परिषद कोलकाता द्वारा आयोजित स्व. जीतमल पारीक स्मृति वादविवाद प्रतियोगिता में बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने बाजी मारी तथा ट्रॉफी पर कब्जा किया। स्थानीय एच.पी. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रागंण में समारोहपूर्वक आयोजित प्रतियोगिता की अध्यक्षता परिषद के स्थानीय अध्यक्ष भामाशाह राधेश्याम ढ़ण्ड ने की जबकि मुख्य अतिथि नगरपालिकाध्यक्ष एडवोकेट दूदाराम चौहला थे। इनके अतिरिक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिवप्रसाद सोनी, श्रीमती जयंती शर्मा, श्रीमती कल्पना तिवाड़ी, मदन जैन, रतन लाल, सुरेश रेवाड़ व विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वाद-विवाद के विषय ‘कोरोना महामारी से बचाव हेतु बार-बार लॉकडाउन लगाना उचित है’ के पक्ष व विपक्ष में वक्ताओं ने एक से बढक़र एक उद्गार प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी। निर्णायक आशुसिंह बांगड़वा, ओमप्रकाश दाधीच एवं ताराचंद काछवाल द्वारा दिये गये निर्णय के अनुसार बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय की डिम्पल मोदी व शेखावाटी शिक्षण संस्थानउ उच्च माध्यमिक विद्यालय के राजीव रेवाड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन दोनों ने ही विषय के पक्ष में अपने विचार रखे। इन्हें प्रत्येक को इक्कीस सौ रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। दूसरे स्थान पर बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय का संकल्प तिवाड़ी रहा जिसे ग्यारह सौ रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। तीसरे स्थान पर शेखावाटी शिक्षण संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय के रोहित बुंदेला ने प्राप्त किया जिसे पांच सौ रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। इनके अलावा प्रतियोगिता में भाग ेने वाले प्रत्येक संभागी को सौ रूपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। संयुक्त रूप से प्रथम रहने पर बाल मंदिर के छात्रों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इस मौके पर अतिथियों व निर्णायकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में रेखाराम खीचड़, राधंश्याम ढ़ंड, ताराचंद काछवाल, कल्पना तिवाड़ी, मुख्य अतिथि दूदाराम चौहला आदि ने भी अपने विचार रखे। मंंत्री बनवारी लाल शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राधाकृष्ण शास्त्री ने किया।