संसद में गूंजा ₹2000 के नोट का मामला, जानिए किस लिए


नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र  (winter session of Parliament) के दौरान बीजेपी सांसद सुशील मोदी (BJP MP Sushil Modi)  ने देश में 2000 रुपए के नोटों की कमी का मुद्दा उठाया और उन्होंने आरोप लगाया कि काले धन के रूप में नोटों की जमाखोरी हो रही है. पीएसयू बैंकों के प्रमुखों के साथ एक बैठक में केंद्र से मामले को स्पष्ट करने की मांग की. सुशील मोदी ने कहा कि काले धन पर लगाम लगाने के लिए इस नोट को बंद किया जाना चाहिए. फरवरी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बैंकों को 2000 रुपए के नोट जारी करने से रोकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया है.

राज्यसभा में सार्वजनिक महत्व के मामलों पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि 2000 का नोट, यानी ब्लैक मनी. 2000 का नोट, यानी होर्डिंग. अगर देश में ब्लैक मनी को रोकना है, तो 2,000 रुपये का नोट बंद करना होगा. 2000 रुपये के नोट के सरकुलेशन का अब कोई औचित्य नहीं रहा है. मेरा भारत सरकार से आग्रह है कि चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे 2000 रुपये के नोट को वापस ले लिया जाना चाहिए.