5 करोड़ सालाना लेने वाली सफाई कंपनी पर मेहरबानी:एक माह से 25 ऑटाे टिपर खराब, सिर्फ पेनल्टी लगा रहे, सवाल-ब्लैक लिस्ट क्याें नहीं?
सीकर: शहर में डोर टु डोर कचरा संग्रहण कर रही निजी कंपनी पर नगर परिषद जमकर मेहरबानी कर रही है। कचरा संग्रहण का काम संभाल रही कंपनी वी-वॉइस लिमिटेड तमाम ऑटो टिपर ऑन रोड बताकर नगर परिषद से सालाना पांच करोड़ रुपए उठा रही है, जबकि हकीकत ये है कि 93 में से 25 ऑटो टिपर कंडम हैं और एक महीने से गैराज में खड़े हैं।
कई वार्डों में 10 दिन से टिपर नहीं पहुंच रहे हैं। चौंकाने वाला तथ्य ये है कि नगरपरिषद कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बजाय हर महीने तीन लाख रुपए की पेनल्टी लगाकर उसे छाेड़ रही है। यह पेनल्टी जनवरी से लगाई जा रही है। नगर परिषद का तर्क है कि आमजन की शिकायतों का समाधान नहीं होने पर हम कंपनी पर पेनल्टी लगा रहे हैं,
लेकिन बड़ा सवाल ये है कि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने के बावजूद कंपनी को ब्लैक लिस्ट क्याें नहीं किया जा रहा है? कंपनी एमओयू के तहत समय पर कचरा संग्रहण नहीं हाेने और शिकायताें का समाधान नहीं हाेने पर कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाती है। जनवरी से दिसंबर तक 568 शिकायतें दर्ज हुई। समाधान नहीं होने पर कंपनी पर हर महीने तीन लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है।
दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की, तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। फतेहपुर राेड स्थित गैराज में 25 ऑटो टिपर कंडम हालात में खड़े मिले। किसी के टायर खराब हैं, तो किसी का इंजन खुला पड़ा है। कंपनी का दावा है कि सभी ऑटो टिपर ऑन रोड हैं, जो 65 वार्डों से राेज 110 टन कचरा उठा रहे हैं। कंपनी ने 180 ड्राइवर व हेल्पर लगा रखे हैं। कंपनी सालाना डीजल पर 18 लाख रुपए खर्च कर रही है।
इधर, शहरवासियों का कहना है कि बार-बार बताने के बावजूद नगर परिषद के ऑटो टिपर समय पर नहीं पहुंचते हैं। इस संबंध में कई बार क्षेत्र के पार्षद को अवगत करवाने पर भी समस्या का समाधान नहीं होता है। सवाल ये है कि नगर परिषद के अधिकारी संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। इस मामले में सख्ती बरती जानी चाहिए।
कंपनी की ओर से वाहनों की समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती है। फिलहाल सभी वाहन चालू हालत में ऑन रोड है।
- कमल वर्मा, मैनेजर, वी वाॅइस प्रा. लिमिटेड
कचरा संग्रहण में लापरवाही की जांच कर कार्रवाई जाएगी। कंपनी के अनुबंध व काम की समीक्षा की जाएगी। यदि गड़बड़ी है तो कार्रवाई होगी।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त नगर परिषद
कचरा संग्रहण को लेकर मिलने वाली शिकायताें का समाधान किया जा रहा है। कंपनी लापरवाही कर रही है तो सख्ती बरती जाएगी। नियमानुसार जवाब लेंगे।
- जीवण खां, सभापति
लाइव : फतेहपुर रोड के गैराज में 25 टिपर खराब मिले, 7 से ज्यादा में भरा था कचरा
भास्कर रिपोर्टर जब फतेहपुर रोड स्थित एक गैराज पर पहुंचा, तो वहां 25 ऑटो टिपर खड़े मिले। इसके अलावा सात से ज्यादा टिपर में कचरा भरा हुआ था। कुछ टिपर के फ्रंट शीशे टूटे हुए मिले तो कई के टायर ही नहीं मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई टिपर यहां करीब 20 दिन से खड़े हैं। वहां मौजूद वार्ड 11 के पूर्व पार्षद मो. शरीफ ने बताया कि टिपर में काम आने वाले फावड़ा-परात कहीं और छोड़ देते हैं और लोगों को संसाधन नहीं होने का तर्क देते हैं।
पार्षद बोले-वार्डों में नहीं पहुंच रहे टिपर
कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था पर पक्ष-विपक्षी पार्षदों ने बेहद नाराजगी जताई। वार्ड 45 की पार्षद रेखा बिजारणियां ने बताया कि वार्ड में 10 दिन से कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। गलियाें में कचरे के ढेर लग गए हैं।
वार्ड 1 के पार्षद दयाशंकर ने बताया कि उनके वार्ड में कभी कभार ही ऑटो टिपर पहुंच रहे हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। वार्ड 36 के पार्षद साबिर बिसायती ने बताया िक कंपनी का काम फेल है। वाहन चालक गाड़ी खराब हाेने का हवाला देकर कचरा नहीं उठा रहे हैं।
