अचानक बढे़ उल्टी-दस्त के रोगी:मरीजों की लंबी कतार, ओपीडी पहुंची दो हजार के पार
- बच्चों को सादा पानी पिलाएं।
- घर में आरओ नहीं है तो उबाल कर पानी ठंडा होने के बाद पिलाएं।
- बाजार से खरीदने वाली सब्जी को धोने के बाद ही उपयोग में लें।
झुंझुनू: कभी गर्मी तो कभी ठंडक, बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड रहा है। इन चार पांच दिनों में अचानक से उल्टी- दस्त, पेट दर्द व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार नजर आ रही है। दवाइयां भी असर नहीं कर रही है। मरीज को ठीक होने में 8 से 10 दिन लग रहे है। गंभीर मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। राजकीय बीडीके अस्पताल की ओपीडी 2500 से ज्यादा बीच पहुंच चुकी है। इनमें अधिकतर मरीज उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार के है। अचानक से उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने से डॉक्टर भी अचंभित है। वह सावधानी बरतने की सलाह दे रहे है।
ओपीडी फुल
राजकीय बीडीके अस्पताल में मरीजों की सुबह से ही लंबी कतारें नजर आ रही है, बैड फूल होने लगे है। ओपीडी में काफी भीड़ है। इनमें अधिकतर पेट दर्द, उल्टी-दस्त से ग्रसित है। आम दिनों के मुकाबले में अस्पतालों में मरीजों का भार दुगुना हो गया। बच्चों - बड़ो में अधिकतर उल्टी-दस्त की ही शिकायत सामने आ रही है।
सावधानी बरतें परिजन
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र भांबू ने बताया कि बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों सहित युवाओं की सेहत पर पड़ रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन 40-45 बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार सहित अन्य बीमारी से पीड़ित आ रहे है। पीड़ित बच्चों की संख्या में दिनों दिन इजाफा होता जा रहा है। बच्चों को सादा पानी पिलाएं। घर में आरओ नहीं है तो उबाल कर पानी ठंडा होने के बाद पिलाएं। बाजार से खरीदने वाली सब्जी को धोने के बाद ही उपयोग में लें।
मौसम का असर
राजकीय बीडीके अस्पताल के PMO कमलेश झाझड़िया ने बताया कि बदलते मौसम का असर आम आदमी के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, अस्पताल में आने वाले मरीजों में अधिकतर उल्टी-दस्त व बुखार के रोगी सामने आ रहे है। समय पर उपचार किया जा रहा है, गंभीर मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत है।